LoC पर सेना प्रमुख का बड़ा दौरा: पुंछ-राजौरी सेक्टर में सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा, जवानों को दिए सतर्क रहने के निर्देश

LoC पर सेना प्रमुख का बड़ा दौरा: पुंछ-राजौरी सेक्टर में सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा, जवानों को दिए सतर्क रहने के निर्देश

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Army Chief's major visit to the LoC: Reviews security preparedness

राजौरी। Army Chief's major visit to the LoC, भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर लगातार बदलते सुरक्षा परिदृश्य और सीमापार से घुसपैठ की कोशिशों के बीच भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने गुरुवार को पुंछ, राजौरी और सुंदरबनी सेक्टर के अग्रिम इलाकों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक जायजा लिया।

इस दौरान उन्होंने अग्रिम चौकियों पर तैनात जवानों से मुलाकात की, मौजूदा सुरक्षा हालात की समीक्षा की और सीमा पर किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क एवं मिशन-केंद्रित रहने का आह्वान किया।

सेना प्रमुख का यह दौरा ऐसे समय हुआ है, जब नियंत्रण रेखा पर सुरक्षा एजेंसियां लगातार चौकसी बनाए हुए हैं और सीमापार गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

दौरे के दौरान उन्होंने व्हाइट नाइट कोर के अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की और एलओसी पर मौजूदा सुरक्षा स्थिति, आतंकवाद विरोधी अभियान तथा परिचालन तैयारियों की समीक्षा की।

सेना प्रमुख को नियंत्रण रेखा पर बदलते सुरक्षा माहौल, परिचालन तैनाती, आधुनिक निगरानी प्रणाली, तकनीकी नवाचार और संयुक्त परिचालन तैयारियों के बारे में विस्तृत प्रस्तुति दी गई।

संदिग्ध गतिविधियों पर रखी जा रही नजर

अधिकारियों ने उन्हें बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में अत्याधुनिक निगरानी उपकरणों, ड्रोन, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस सिस्टम तथा अन्य तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग कर किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर लगातार नजर रखी जा रही है।

जनरल धीरज सेठ ने अग्रिम क्षेत्रों में विकसित किए जा रहे आधारभूत ढांचे का भी निरीक्षण किया। उन्होंने सीमावर्ती इलाकों में सड़क, संचार और अन्य आवश्यक सुविधाओं के विस्तार की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को परिचालन क्षमता को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि मजबूत आधारभूत संरचना न केवल सैनिकों की त्वरित तैनाती और रसद व्यवस्था को बेहतर बनाती है, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

इस दौरे के दौरान सेना प्रमुख ने भारत के प्रथम गांवों के रूप में चिह्नित सीमावर्ती क्षेत्रों में चलाए जा रहे जनकल्याण और सद्भावना कार्यक्रमों की भी समीक्षा की।

उन्हें बताया गया कि भारतीय सेना शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के लिए खेल गतिविधियों तथा अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने का कार्य निरंतर कर रही है। सेना द्वारा संचालित इन जनहित कार्यक्रमों को स्थानीय लोगों का व्यापक सहयोग भी मिल रहा है।

जवानों से किया सीधा संवाद

सेना प्रमुख ने अग्रिम चौकियों पर तैनात अधिकारियों और जवानों से सीधे संवाद किया तथा कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और चुनौतीपूर्ण मौसम के बावजूद उनकी उत्कृष्ट कार्यशैली, अनुशासन और समर्पण की सराहना की।

उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा में सैनिकों की भूमिका सर्वोपरि है और उनका साहस तथा प्रतिबद्धता पूरे राष्ट्र के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

उन्होंने जवानों से कहा कि वे हमेशा मिशन पर केंद्रित रहें, बदलती परिस्थितियों के अनुरूप अपनी परिचालन क्षमता को लगातार मजबूत करें और किसी भी संभावित चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार रहें।

उन्होंने आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग, निरंतर प्रशिक्षण और समन्वित कार्रवाई पर विशेष बल देते हुए कहा कि भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों का सामना केवल बेहतर तैयारी और उच्च स्तर की पेशेवर दक्षता से ही किया जा सकता है।

सेना प्रमुख ने व्हाइट नाइट कोर द्वारा सीमावर्ती क्षेत्रों में बनाए गए प्रभावी आतंकवाद विरोधी ग्रिड और सुरक्षा तंत्र की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि सेना की सतर्कता, आधुनिक निगरानी प्रणाली और स्थानीय लोगों के सहयोग से सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत हुई है।

महत्वपूर्ण माना जा रहा दौरा

दौरे के अंत में जनरल धीरज सेठ ने सभी अधिकारियों और जवानों को उनके उत्कृष्ट परिचालन प्रदर्शन, अटूट समर्पण और राष्ट्र सेवा की भावना के लिए बधाई दी।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारतीय सेना भविष्य में भी पूरी सतर्कता, पेशेवर दक्षता और दृढ़ संकल्प के साथ देश की सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करती रहेगी।

सेना प्रमुख का यह दौरा नियंत्रण रेखा पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में परिचालन तैयारियों का प्रत्यक्ष आकलन करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।